Raipur

कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने पंचायत ग्रामीण विकास विभाग, आरईएस की विभागीय समीक्षा की

 

साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुसार कार्य पूर्ण करेंः कलेक्टर

रेडक्रॉस सभाकक्ष में हुई समीक्षा, संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने शुक्रवार को शाम 3.30 बजे कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में पंचायत ग्रामीण विकास विभाग और आरईएस की विभागीय समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से कहा कि साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुसार कार्य पूर्ण करे और हितग्राहियों को योजनाओं का अधिक से अधिक से लाभ दिलाएं।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अमृत सरोवरों की समीक्षा करने पर अधिकारियों ने बताया कि अब तक जिले में 66 अमृत सरोवर पूर्ण हो चुके है, 87 पहले पूर्ण हो चुके थे और अब तक 93 सरोवरों में मिट्टी कार्य पूर्ण हो गया है। इस पर कलेक्टर ने 13 नए अमृत सरोवर स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने मनरेगा कार्यों के अंतर्गत 100 दिवस पूर्ण कर चुके परिवारों की समीक्षा की, अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट उन्नति का टार्गेट पूरा हो गया है।

उन्होंने मनरेगा अंतर्गत नियोजित श्रमिकों, लक्ष्य विरूद्ध सृजित मानव दिवस की उपलब्धि, कृषि एवं संबंधित कार्यों पर व्यय, एनआरएम कार्यों पर व्यय, अमृत सरोवर निर्माण के प्रगति, 100 दिवस पूर्ण करने वाले परिवारों, समयबद्ध मजदूरी भुगतान की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने प्रोजेक्ट उन्नति के तहत पीएमएवाय निर्माण के लिए पेंटिंग, राजमिस्त्री और विद्युतीकरण कार्य के लिए बैच तैयार कर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।

आधार बेस्ड भुगतान की समीक्षा करने पर पाया गया कि नए जॉब कार्ड बनने से, डीबीटी एकाउंट नहीं होने से भुगतान में विलंब हो रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही सबका आधार बेस्ड भुगतान शुरू हो जाएगा। कलेक्टर ने एनएमएमएस (नेशनल मोबाईल मॉनीटरिंग सिस्टम) में मस्टररोल द्वारा उपस्थिति दर्ज करने की समीक्षा की। साथ ही कलेक्टर ने ऐप को जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर डॉ. सिंह ने प्रतिदिन जियोटैगिंग की समीक्षा, विकासखंडवार आंगनबाड़ी भवन, मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी मरम्मत और आहता के कार्य की समीक्षा करने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओडीएफ मॉडल ग्राम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति, स्वच्छाग्रहियों द्वारा घर-घर संग्रहण, एलडब्ल्यूएम, सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा की।

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